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Basant Panchami: क्यों मनाई जाती है बसंत पंचमी? जानें सरस्वती पूजा की विधि, महत्व और पौराणिक कथा

बसंत पंचमी (Basant Panchami) का त्योहार हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इसे 'ऋतुराज बसंत' के आगमन का प्रतीक और ज्ञान की देवी मां सरस्वती का जन्मोत्सव माना जाता है। ​इस लेख में हम जानेंगे कि बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है, इसका आध्यात्मिक महत्व क्या है और इस दिन की पूजा विधि क्या है। ​ बसंत पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व ​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने जब ब्रह्मांड की रचना की, तो उन्हें सब कुछ शांत और मौन लगा। जीव-जंतु और मनुष्य सभी मूक थे। इस सन्नाटे को दूर करने के लिए ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का, जिससे एक दिव्य देवी प्रकट हुईं। ​उनके हाथों में वीणा, पुस्तक और माला थी। ​जैसे ही देवी ने वीणा का तार छेड़ा, समस्त संसार को वाणी मिल गई। ​नदियों में कल-कल की ध्वनि, पक्षियों में चहचहाहट और मनुष्यों में बोलने की शक्ति आ गई। ​चूंकि यह घटना माघ शुक्ल पंचमी को हुई थी, इसलिए इस दिन को सरस्वती जयंती या बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाने लगा। ​ मां सरस्वत...
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