माघ पूर्णिमा केवल एक तिथि नहीं, बल्कि शुद्धि और सत्य के साक्षात्कार का महापर्व है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, माघ मास के अंतिम दिन यानी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु का पूजन 'सत्यनारायण' रूप में करने से अनंत गुना फल प्राप्त होता है। माघ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व (Significance) पौराणिक मान्यता है कि माघ मास में सभी देवता स्वर्ग लोक से उतरकर मृत्युलोक में विचरण करते हैं। इस दिन किया गया सत्यनारायण व्रत व्यक्ति के संचित पापों का नाश करता है। पवित्र स्नान: इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से वही फल मिलता है जो वर्षों की तपस्या से प्राप्त होता है। दान का महत्व: 'माघे निमग्ना: सलिले सुशीते, विमुक्तपापास्त्रिदिवं प्रयान्ति'—अर्थात माघ में शीतल जल में स्नान करने वाले पापमुक्त होकर स्वर्ग जाते हैं। भगवान सत्यनारायण और माघ पूर्णिमा का संबंध सत्यनारायण भगवान विष्णु का वह स्वरूप है जो 'सत्य' को ही नारायण मानता है। माघ पूर्णिमा पर इस कथा का आयोजन इसलिए विशेष है क्योंकि: ऋतु परिवर्तन: यह समय शीत ऋतु के अंत और वसंत के आगमन का होता है, जो म...
Ekadashi Vrat Katha Mahatma
Discover the significance of Ekadashi, an important Hindu fasting day observed twice a month. Learn about its rituals, spiritual benefits, and cultural importance.