विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एक अत्यंत प्रभावशाली एकादशी है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है— 'विजया' — यह व्रत भक्त को उसके शत्रुओं, कठिन परिस्थितियों और जीवन की चुनौतियों पर विजय दिलाने वाला माना जाता है। चाहे आप आध्यात्मिक उन्नति चाहते हों या सांसारिक कार्यों में सफलता, विजया एकादशी का उपवास और पूजन अचूक फलदायी माना गया है। विजया एकादशी का आध्यात्मिक महत्व (Significance ) पद्म पुराण और स्कंद पुराण में विजया एकादशी की महिमा का विस्तार से वर्णन मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार: यह व्रत व्यक्ति के आत्मविश्वास (Self-confidence) में वृद्धि करता है। पुराने संचित पापों का नाश कर हृदय को शुद्ध करता है। जो फल कठिन यज्ञों से प्राप्त नहीं होता, वह श्रद्धापूर्वक विजया एकादशी का व्रत रखने से मिल जाता है। पौराणिक कथा: जब भगवान राम ने किया यह व्रत 1. कथा का प्रारंभ: धर्मराज युधिष्ठिर और भगवान कृष्ण कथा की शुरुआत द्वापर युग में होती है। धर्मराज युधिष्ठिर भगवान श्री कृष्ण से निवेदन करते हैं, "हे जना...
Ekadashi Vrat Katha Mahatma
Discover the significance of Ekadashi, an important Hindu fasting day observed twice a month. Learn about its rituals, spiritual benefits, and cultural importance.