पुत्रदा एकादशी कब है? पौष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुत्रदा एकादशी व्रत का प्रारंभ कैसे करे? पौष पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा से पहले घर को गंगाजल से शुद्ध कर लें। फिर मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा पीले रंग के साफ कपड़े पर स्थापित करें। भगवान विष्णु के माथे पर चंदन का तिलक लगाएं। पुत्रदा एकादशी के दिन श्रीहरी की पूजा-व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और संतान सुख की प्राप्ति होती है। पुत्रदा एकादशी का क्या लाभ है? | पुत्रदा एकादशी महात्म पुत्रदा एकादशी के व्रत को करने से श्रीहरि विष्णु के अलावा मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता है कि यदि कोई जातक इस व्रत को विधि पूर्वक करता है, तो जल्द ही उसे संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसके अलावा लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होते हैं। इस व्रत को करने से श्रद्धालुओं को तेजस्वी व दीर्घायु संतान की प...
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