ऋण मोचक मंगल स्तोत्र: भारी से भारी कर्ज से मुक्ति पाने का अचूक उपाय
क्या आप कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं? क्या कड़ी मेहनत के बाद भी आपका पैसा बीमारियों या फालतू के खर्चों में निकल जाता है? ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, जब कुंडली में मंगल ग्रह (Mars) की स्थिति प्रतिकूल होती है, तो व्यक्ति चाहकर भी ऋण (Loan) से बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे में 'ऋण मोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ एक रामबाण उपाय माना गया है। आइए जानते हैं इसकी महिमा और पाठ करने की सही विधि। क्यों होता है कर्ज? ज्योतिषीय कारण शास्त्रों के अनुसार, मंगल को 'भूमिपुत्र' और 'ऋणहर्ता' माना गया है। यदि मंगल प्रसन्न हों, तो व्यक्ति को भूमि, भवन और धन का सुख मिलता है। लेकिन मंगल दोष होने पर व्यक्ति अनचाहे ऋण के जाल में फंस जाता है। ऋण मोचक स्तोत्र का जाप मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कम कर धन आगमन के नए स्रोत खोलता है। ऋण मोचक मंगल स्तोत्र की पाठ विधि इस स्तोत्र का पूरा लाभ लेने के लिए इसे नियमपूर्वक करना चाहिए: दिन और समय: इसे किसी भी मंगलवार से शुरू करें। शुक्ल पक्ष का मंगलवार हो तो और भी श्रेष्ठ है। वस्त्र और पूजन: स्नान के बाद लाल रंग के वस्त्र धारण...