कामघेनु : Gau Mata Ek Devi Ya Pashu | गाय के 108 नाम और उनकी महिमा

कामघेनु का स्वरुप 

सनातन धर्म में पुरातन काल से ही गौ माता को विशेष स्थानीय विशेष दर्जा प्राप्त है।  गौ माता की उत्पत्ति समुद्र मंथन से मानी जाती है पर बहुत कम लोग यह जानते हैं कि समुद्र मंथन से पूर्व भी गौ माता का अस्तित्व था या यूं कहें कि सृष्टि के प्रारंभ से ही गौ माता का अस्तित्व पुराणों में व्याप्त है। 
संसार की उत्पत्ति भगवान शिव से होती है तो उसी समय गौ माता की उत्पत्ति भी होती है और तभी से गौ माता को एक झूठ बोलने के कारण भगवान शिव से श्राप मिला कि आने वाले कलयुग में उन्हें अपने मुख से संसार में जूठन खानी पड़ेगी परंतु शिव बहुत दयालु है। 
अतः इस श्राप के साथ ही साथ उन्हें यह वरदान भी मिला कि उनमें 33 कोटि देवताओं का वास होगा। समस्त संसार में एक देवी के रूप में उनकी पूजा की जाएगी और समस्त संसार उनके सामने सदैव नतमस्तक रहेगा।
कामधेनु सुरभि गौमाता संसार की समस्त गउवों की माता और जननी है। इनका निवास स्थान स्वर्ग में होने के कारण अत्यधिक पूजनीय मानी जाती हैं। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक उसके प्रत्येक संस्कार में कहीं ना कहीं गाय का योगदान रहता है। 
हम सभी को गाय को एक पशु न समझ कर उसे आदरणीय माता के रूप में सदैव नमन करना चाहिए क्योंकि एक बार मात्र एक बार गौ माता को प्रणाम करने से 33 कोटि देवताओं का नमन हो जाता है। संसार की सभी गायें माता कामघेनु का ही स्वरुप है। 

गाय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी :

1. गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनंदपूर्वक चैन की सांस लेती है । वहां वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं । 
गाय के 108 नाम और उनकी महिमा

2. जिस जगह गौ माता खुशी से रभांने लगे उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं । 

3. गौ माता के गले में घंटी जरूर बांधे ; गाय के गले में बंधी घंटी बजने से गौ आरती होती है । 

4. जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है । 

5. गौ माता के खुर्र में नागदेवता का वास होता है । जहां गौ माता विचरण करती है उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते । 

6. गौ माता के गोबर में लक्ष्मी जी का वास होता है ।

7. गौ माता कि एक आंख में सुर्य व दूसरी आंख में चन्द्र देव का वास होता है ।
8. गौ माता के दुध मे सुवर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है। 

9. गौ माता की पूंछ में हनुमानजी का वास होता है । किसी व्यक्ति को बुरी नजर हो जाये तो गौ माता की पूंछ से झाड़ा लगाने से नजर उतर जाती है । 

10. गौ माता की पीठ पर एक उभरा हुआ कुबड़ होता है , उस कुबड़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है । रोजाना सुबह आधा घंटा गौ माता की कुबड़ में हाथ फेरने से रोगों का नाश होता है । 

11. एक गौ माता को चारा खिलाने से तैंतीस कोटी देवी देवताओं को भोग लग जाता है ।

12. गौ माता के दूध, गाय का घी, मख्खन दही गोबर गोमुत्र से बने पंचगव्य हजारों रोगों की दवा है । इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं ।

13. जिस व्यक्ति के भाग्य की रेखा सोई हुई हो तो वो व्यक्ति अपनी हथेली में गुड़ को रखकर गौ माता को जीभ से चटाये गौ माता की जीभ हथेली पर रखे गुड़ को चाटने से व्यक्ति की सोई हुई भाग्य रेखा खुल जाती है । 

14. गौ माता के चारो चरणों के बीच से निकल कर परिक्रमा करने से इंसान भय मुक्त हो जाता है ।

15. गौ माता के गर्भ से ही महान विद्वान धर्म रक्षक गौ कर्ण जी महाराज पैदा हुए थे। 

16. गौ माता की सेवा के लिए ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये हैं । 

17. जब गौ माता बछड़े को जन्म देती तब पहला दूध बांझ स्त्री को पिलाने से उनका बांझपन मिट जाता है । 

18. स्वस्थ गौ माता का गौ मूत्र को रोजाना दो तोला सात पट कपड़े में छानकर सेवन करने से सारे रोग मिट जाते हैं । 

19. गौ माता वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखती है उनके ऊपर गौकृपा हो जाती है । 

20. काली गाय की पूजा करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं । जो ध्यानपूर्वक धर्म के साथ गौ पूजन करता है उनको शत्रु दोषों से छुटकारा मिलता है । 

21. गाय एक चलता फिरता मंदिर है । हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि देवी देवता है ,हम रोजाना तैंतीस कोटि देवी देवताओं के मंदिर जा कर उनके दर्शन नहीं कर सकते पर गौ माता के दर्शन से सभी देवी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं । 

22. कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो बार बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गौ माता के कान में कहिये रूका हुआ काम बन जायेगा !

 23. गौ माता सर्व सुखों की दातार है । 

हे मां आप अनंत ! आपके गुण अनंत ! इतना मुझमें सामर्थ्य नहीं कि मैं आपके गुणों का बखान कर सकूं ।

गाय के 108 नाम और उनकी अगाध महिमा 

संसार की समस्त गायों की जननी स्वर्ग में निवास करने वाली कामघेनु सुरभि गौ माता है। पुराणों और शाश्त्रो में गौ माता का जितना महत्व बताया गया है उससे स्पस्ट होता है की गाय में ३३ देवताओ का वास होता हैं। 
अतः जब हम एक बार किसी भी गाय को प्रणाम करते है तब हम एक बार में ३३ कोटि देवी-देवताओ को प्रणाम करते है। 
श्री गणेश जी का स्मरण कर श्री नारायण को ह्रदय में धारण कर कामघेनु सुरभि गौ माता के 108 का जप करके अपने  और अपने परिजनों का कल्याण करें। 

1. गौतमी
2. कपिला
3. सुरभी
4. गौमती
5. नंदनी
6. वैष्णवी
7.  श्यामा
8. मंगला
9. सर्वदेव वासिनी
10. महादेवी
11. सिंधु अवतरणी
12. त्रिवेणी 
13. सरस्वती
14. लक्ष्मी
15. गौरी
16. वैदेही
17. कौशल्या 
18. अन्नपूर्णा
19. देवकी
20. गोपालिनी
21. कामधेनु
22. आदिति
23. गोदावरी
24. माहेश्वरी
25. जगदम्बा
26. वैजयंती
27. रेवती
28. सती
29. भारती
30. त्रिविद्या
31. गंगा
32. यमुना
33. कृष्णा
34.राधा
35 . मोक्षदा
36. उतरा
37. अवधा
38. ब्रजेश्वरी
39. गोपेश्वरी
40.कल्याणी
41.करुणा
42. विजया
43. ज्ञानेश्वरी
44. कालिंदी
45. प्रकृति
46. अरुंधति
47. वृंदा
48. गिरिजा
49.मनहोरणी
50. संध्या
51. ललिता
52. रश्मि
53 . ज्वाला
54. तुलसी
55. मल्लिका
56 . कमला
57. योगेश्वरी
58. नारायणी
59. शिवा
60. गीता
61. नवनीता
62.अमृता अमरो
63. स्वाहा
64. धंनजया
65. ओमकारेश्वरी
66. सिद्धिश्वरी
67. निधि
68. ऋद्धिश्वरी
69. रोहिणी
70. दुर्गा
71. दूर्वा
72. शुभमा
73. रमा
74. मोहनेश्वरी
75. पवित्रा
76. शताक्षी
77. परिक्रमा
78. पितरेश्वरी
79. हरसिद्धि
80. मणि
81. अंजना
82. धरणी
83. विंध्या
84. नवधा
85. वारुणी
86. सुवर्णा
87. रजता
88. यशस्वनि
89. देवेश्वरी
90. ऋषभा
91. पावनी
92. सुप्रभा
93. वागेश्वरी
94. मनसा
95. शाण्डिली
96. वेणी
97. गरुडा
98. त्रिकुटा
99. औषधा
100. कालांगि
101. शीतला
102. गायत्री
103. कश्यपा
104. कृतिका
105. पूर्णा
106. तृप्ता
107. भक्ति
108. त्वरिता

गाय वाला कार्टून या उससे सम्बंधित वीडियो सभी बच्चो को पसंद होता है क्योकि हम सब उससे कुछ सीखते है। अतः प्यारे बच्चो के लिए एक कार्टून का वीडियो लिंक दे रहे है : गाय वाला कार्टून - Parmanand ji maharaj

जय गौ माता - जय गोपाल
।।जय जय श्री राम।।

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